Saturday, August 8, 2020
Home Breaking News सिंधिया के संपर्क में पायलट, लेकिन कुछ विधायक कांग्रेस छोड़ने को तैयार...

सिंधिया के संपर्क में पायलट, लेकिन कुछ विधायक कांग्रेस छोड़ने को तैयार नहीं

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Jul 2020 12:19 AM IST

सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य
– फोटो : Amar Ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने की पटकथा लिखने में घर के भेदी यानी भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की अहम भूमिका बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं सचिन पायलट सिंधिया के संपर्क हैं, और कुछ विधायकों को बेहतर भविष्य का आश्वासन खुद सिंधिया ने दिया है।

दरअसल, राजस्थान में कांग्रेस के भीतर अशोक गहलोत को लेकर विद्रोह और नाराजगी पुरानी है लेकिन खरीद फरोख्त की जांच और एसओजी की ओर से भेजे गए नोटिस बहाना बन गए। पायलट के कहने पर दिल्ली आए कुछ विधायक गहलोत से तो नाराजगी दर्शाने आए हैं लेकिन पार्टी छोड़ने को लेकर तैयार नहीं हैं। 

बताते हैं कि नाराज विधायकों में करीब आधे कांग्रेस नहीं छोड़ना चाहते उन्हें तैयार किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि जब तक पायलट सरकार गिराने के लिए विधायकों की संख्या पूरी नहीं कर लेते भाजपा इस विषय खुलकर नहीं बोल रही है। वहीं सोमवार पूरे दिन कांग्रेस विधायकों से कई स्तर पर बातचीत चलती रही ताकि उन्हें मनाया जा सके।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि विधायकों को दिल्ली ये कहकर बुलाया गया कि कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर गहलोत की शिकायत करनी है। जबकि दिल्ली में सरकार गिराने का तानाबाना बुना जा रहा है। उनका कहना है कि इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया की भूमिका स्वाभाविक है क्योंकि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी रेल दौड़ानी है। ऐसे में राजस्थान की सरकार को गिरवाने में भी अपना हुनर दिखा रहे हैं।
 

मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने की पटकथा लिखने में घर के भेदी यानी भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की अहम भूमिका बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं सचिन पायलट सिंधिया के संपर्क हैं, और कुछ विधायकों को बेहतर भविष्य का आश्वासन खुद सिंधिया ने दिया है।

दरअसल, राजस्थान में कांग्रेस के भीतर अशोक गहलोत को लेकर विद्रोह और नाराजगी पुरानी है लेकिन खरीद फरोख्त की जांच और एसओजी की ओर से भेजे गए नोटिस बहाना बन गए। पायलट के कहने पर दिल्ली आए कुछ विधायक गहलोत से तो नाराजगी दर्शाने आए हैं लेकिन पार्टी छोड़ने को लेकर तैयार नहीं हैं। 

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments